अमरूद (Guava) के फायदे, नुकसान और पोषण तत्व – SahiAurGalat

अमरूद guava ke phayade aur nuksan

हर फल का कुछ न कुछ विशेष गुण होता है, तथा उसी गुण के आधार पर उसका कुछ विशेष नाम भी होता है। अमरूद भी उन्ही फलों मे से एक है, जिसे प्रचीनकाल से अमृतफल भी कहते है।

इसको अँग्रेजी मे (ग्वावा) Guava कहते है। यह फल मुख्य रूप से मध्य अमेरिका, मेक्सिको और उत्तरी-दक्षिणी अमेरिका का निवासी है।

भारत मे यह पुर्तगालियों द्वारा लाया गया था। इलाहाबाद (अभी प्रयागराज) और कानपुर का अमरूद बहुत विख्यात है।

ठंडी मौसम मे उगने-पकने वाले अमरूद बहुत शक्तिवर्धक होते है। इनका सेवन ज़रूर करना चाहिये। वर्षाकालीन अमृतफल मे विटामिन सी की अधिकता ज़्यादा होती है। इनके सेवन से विटामिन सी अच्छी तरह से कमी पूरी होती है।



अमरूद मे पाये जाने वाली पोषण तत्व

निम्नलिखित पोषण तत्व ब्योरा प्रति 200 ग्राम सेव के हिसाब से है –

विटामिन :

  • सी – 456.6 मिलीग्राम
  • बी3 – 168 मिलीग्राम
  • बी5 – 0.902 मिलीग्राम
  • बी6 – 0.22 मिलीग्राम।

प्रोटीन : 5.1 ग्राम।

कार्बोहाइड्रेट : 28.64 ग्राम।

  • शुगर (शर्करा) – 17.84 ग्राम
  • आहारीय रेशा (dietary fiber) – 10.8 ग्राम।

कोलेस्ट्रल : 0 मिलीग्राम।

कैलोरी : 136 किलो कैलोरी।

वसा : 1.9 ग्राम।

आहारीय खनिज (mineral) :

  • कैल्सियम – 36 मिलीग्राम
  • आइरन – 0.52 मिलीग्राम
  • मैग्नेशियम – 44 मिलीग्राम
  • फास्फोरस – 80 मिलीग्राम
  • पोटैशियम – 834 मिलीग्राम।

नोट : इसके बीजो मे आइरन पाया जाता है। अतः इसके बीज़ों को अच्छे से चबाकर खाना चाहिए।

अमरूद के इस्तेमाल से करे ईलाज

  1. कैंसर से लड़ने के लिए जितनी भी एंटिओक्सीडेंट्स (antioxidants) की ज़रूरत होती है उतना इसके खाने से मिल सकता है। अतः इसका सेवन कैंसर के खराब हो रहे सेल्स को बढ़ने से रोकता है।
  2. मलेरिया की बीमारी मच्छर के काटने से प्लाज्मोडीयम फैलाने से होता है। इसमे प्रचुर मात्रा मे पाये जाने वाले एंटिओक्सीडेंट्स मलेरिया के बैक्टेरिया को नष्ट करने मे असरदारक होते है।
  3. दिल की बीमारी से ग्रसित मरीज के लिए इसका सेवन करना फायदेमंद होती है। इससे ब्लड प्रैशर नियंत्रण मे फायदा मिलता है, साथ ही साथ खराब कोलेस्ट्रल को कम करता है।
  4. इसे खाने से शरीर का सेहतमंद तरीके से वजन कम होता है अर्थात फालतू की चर्बी कम होती है।
  5. आधासीसी का सिरदर्द बहुत ही पीड़ादायक होता है, लेकिन कच्चे अमरूद को पीसकर माथे पर लगाने से दर्द मे आराम मिलता है।
  6. इसका सेवन मधुमेह से ग्रसित लोगो के लिए लाभप्रद होता है। इसके सेवन से रक्त शर्करा नियंत्रण मे फायदा मिलता है।
  7. इसका रोज उचित मात्रा मे सेवन करने से अर्थात लगभग 200-250 दिन मे खाने से पेट की किटाणु वाली बीमारी नहीं होती है और रक्त भी साफ होता है।
  8. 1 अमरूद का सेवन शरीर के लिए रोज की ज़रूरत फाइबर की मात्रा को पूरा करने के लिए पर्याप्त होता है। इसका उचित सेवन कब्ज और दस्त के लिए लाभप्रद होता है।
  9. जो लोग भांग का नशा करते है, अगर कभी नशा ज़्यादा हो जाए तो उन्हे इसका तुरन्त सेवन करना चाहिए। इससे नशा कम होता है। (नशा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, कृपया न करे और ना करने दें)

अमृतफल के सही और गलत तथ्य

इसमे अच्छी मात्रा मे विटामिन, फाइबर, आहारिक लवण मिलता है। जिससे बहुत तरह की शारीरिक समस्याओं मे लाभ मिलता है जैसे – शारीरिक प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है, लंबे उम्र तक त्वचा को सुरक्षित रखता है, खराब कोलेस्ट्रल को निकालता है, रक्त शर्करा को नियंत्रित रखता है आदि।



लेकिन इसके अनुचित सेवन नुकसान भी हो सकता है। जैसे – इसके अधिक सेवन से पेट दर्द और गैस हो सकता है। इसमे फाइबर ज़्यादा पाये जाने के वजह से, इसके ज़्यादा सेवन से पाचन क्रिया मे समस्या हो सकती है जिससे मलोत्सर्जन मे दिक्कत हो सकती है।

फल चाहे अमरूद हो या और कोई, इसके वजह से कोई शारीरिक समस्या होते ही तुरन्त नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।


धन्यवाद !

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