झुर्रियाँ (Wrinkles) : कारण, लक्षण और घरेलू उपचार – SahiAurGalat

झुर्रियाँ-wrinkles-घरेलू-उपचार

झुर्रियाँ क्या होती है (What are Wrinkles)

उम्र बढ़ने के साथ झुर्रियाँ भी बढती है। मगर उम्र से पहले झुर्रियां बढ़ने लगे तब इसपर विचार करना लाज़मी है। झुर्रियों की लक्षण एक तरह की त्वचा पर बने लकीरें अर्थात सिकुड़न होती है।

सूर्य के ज्यादा प्रकाश पड़ने, अस्वस्थता, ज़्यादा दवायों के सेवन, धुम्रपान, निर्जलीकरण (dehydration) और आनुवंशिकीय कारणों के वजह से झुर्रियाँ खासतौर पर होता है।

हंसने के दौरान चेहरे पर झुर्रियों का असर सबसे पहले देखने को मिलती है।

कितनी अजीब बात है न.., हंसी ख़ुशी मिलने पर आती है। परन्तु हंसी के साथ झुर्रियाँ भी मुफ्त में मिलें तो फिर काहे का ख़ुशी भईया ???




झुर्रियों के रामबाड़ घरेलू उपचार

  1. एक चम्मच चीनी तथा 2 चम्मच नींबू दोनों एक साथ मिला लें, फिर इसे अपने त्वचा पर लगाये और 15 मिनट बाद धो लें, झुर्रियाँ ख़त्म हो जायेंगी।
  2. शहद और 3-4 बूंद नींबू एक साथ मिलाकर 1-2 सप्ताह तक रोज लगायें, लगाने के 30 मिनट बाद साफ कर लें, इससे झुर्रियाँ ठीक हो जाती है।
  3. आधा चम्मच कच्चा दूध तथा एक चम्मच शहद दोनों मिलाकर मिश्रण बना लें। फिर झुर्री वाले त्वचा पर लगा लें। 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें।
  4. दो चम्मच जैतून का तेल तथा 2 चम्मच गाजर के बीज का तेल, एक साथ अच्छी तरह मिलाकर मालिश करें। फिर 1-2 मिनट बाद हल्के हल्के गरम साफ़ पानी से धो लें।
  5. चने का बेसन तथा थोडा सा दही एक साथ मिलाकर अच्छी तरह से लगायें। जब पूरा सुख जाए तब साफ कर लें।
  6. मुट्ठी भर नींबू बाम (Lemon Balm अथवा Melissa officinalis) को आधा लिटर उबलते हुए पानी में डाल दें। फिर ठंडा होने के बाद इस मिश्रण से झुर्री वाले त्वचा को हल्के हाथों से धोएं।
  7. दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी तथा एक चम्मच टेलकम पावडर दोनों को एक साथ अच्छे से मिला लें। फिर गुलाब जल इतनी मात्रा में मिलाएं ताकि बढ़िया से चेहरे पर लगाया जा सके। सुखने के 15-20 मिनट बाद धो लें।

झुर्रीयों के आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic Treatment)

  1. चेहरे की सुन्दरता झुर्रियां, झाइयाँ तथा दाग धब्बों के लिए अमृत हर्बल लाभकारी है।
  2. अमृत नीम साबुन का इस्तेमाल करें।

झुर्रियों के रोकथाम लिए कुछ ज़रूरी बातें

  • झुर्रियां एक चमड़ी की बीमारी है। आप अपने खान-पान में विटामिन A, C और E रहित भोजन का इस्तेमाल ज़रूर करें।
  • प्रतिउपचावक (एंटीऑक्सीडेंट) रहित फल फूल तथा सब्जियां खायें।
  • हर मौसम में लगने वाले फलों का सेवन बहुत ज़रूरी होता है।
  • हमेशा पीठ के बल सोयें।
  • शराब तथा धुम्रपान का सेवन ना करें।
  • अपने चेहरे पर ज्यादा धुप न पड़ने दें।
  • अच्छी नींद लगभग 7-8 घंटे का लें और रोज व्यायाम करें।
  • ऊपर बताये गए उपचार का ज्यादा इस्तेमाल न करें। अर्थात अगर फायदा नहीं हो रहा है तो, किसी चेहरे से संबधित विशेषज्ञ या डॉक्टर से परामर्श लें।




धन्यवाद !

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