सर्दी-जुकाम : Common Cold – SahiAurGalat

सर्दी-जुकाम-cold

सर्दी-जुकाम के होने के पीछे केवल ठण्ड हवा का लगना या ठंडी खाद्य-पदार्थ का सेवन ही नही ज़िम्मेदार होता है। इसके अलावा कब्ज (constipation), बदहजमी (indigestion), रात में जगना, मौसम के बदलाव, कमजोरी आदि सर्दी-जुकाम होने के लिए उत्तरदायी हो सकते हैं।

सर्दी-जुकाम के बहुत सारे लक्षण होते है जैसे :-

छींके आना, नाक से पानी आना, नाक के आस पास की नशों में दर्द, आवाज़ में गड़बड़ी, नाक जाम हो जाना ,शरीर दर्द, सर सर्द, धीमी बुखार, इत्यादि।

सर्दी-जुकाम के घरेलू उपचार

(1) अदरक – नींबू – शहद

  • अदरक तथा नींबू का रस और शहद बराबर मात्रा में लें,
  • फिर इन तीनों को किसी साफ़ बर्तन में गर्म करें,
  • थोड़ा गुनगुना गर्म रह जाने पर चाट लें, इसी तरह 2-3 घंटे के अंतराल में करते रहे, जुकाम ठीक हो जाएगी।

(2) पान – तुलसी (Holy Basil) – शहद

  • एक चम्मच शहद के साथ पान तथा तुलसी के रस को अच्छे से मिला लें,
  • फिर इस नुश्ख को थोड़े-थोड़े मात्रा में चाते, दिन में 3-4 बार दोहराहें, जुकाम ठीक हो जायेगा।

(3) सुहागा – पानी

  • किसी साफ़ तवे पर सुहागे (Borax) को गर्म कर लें,
  • फिर इस गर्म सुहागे को बढ़िया से पीसकर किसी साफ़ सीसी में भर लें,
  • तत्पश्च्यात थोड़े से गर्म पानी के साथ आधा ग्राम पीसी हुयी सुहागे को घटकने से सर्दी जुकाम ठीक हो जायेगा।

(4) अदरक – तुलसी – शहद

  • शहद के साथ तुलसी तथा अदरक के रस को अच्छे से मिलाएं,
  • फिर इस नुश्ख को दिन में 4 से 5 बार आधा-आधा चम्मच लें, सर्दी-जुकाम और नज़ला ठीक हो जाता है।

(5) अदरक – तुलसी – गुड़ – काली मिर्च (black paper)

  • छोटा कटा हुआ अदरक, तुलसी की पत्ती, थोड़ा सा गुड़ और थोड़ी सी काली मिर्च पावडर लें,
  • फिर इन सभी को एक साथ पानी में मिलाकर धीमी आंच पर चाय की तरह पकाए,
  • पक जाने पर गरमा गर्म इसे नुश्ख को चाय की चुस्की की तरह पियें,
  • दिन में 5-6 बार दोहराएँ जुकाम ठीक हो जायेगा।




(6) गुड़ – सोंठ – पीपर – काली मिर्च

  • सोंठ, पीपर तथा काली मिर्च को अच्छे से पीसकर या कूटकर चूर्ण तैयार कर लें,
  • अब चूर्ण से चार गुना गुड़ बढ़िया से चूर्ण में मिलाकर नुश्ख बना लें,
  • तैयार नुश्ख की गोली बनाकर या फिर ऐसे ही खाने से सर्दी-जुकाम ठीक हो जाता है।

(7) मुलहठी – इलायची – मिश्री – दालचीनी – पानी

  • 1 ग्राम दालचीनी, 3 ग्राम मुलहठी और 6 छोटी इलायची तीनों को अच्छे से कूट लें,
  • फिर आधे (500 मीलीलीटर) लीटर पानी में कूटे हुए मिश्रण को उबालें,
  • जब पानी आधा यानी 250 मिलीलीटर हो जाए तब 20 ग्राम मिश्री मिला दें,
  • अब इस तैयार नुश्ख को घोट घोट पियें, पुरानी से पुरानी जुकाम भी ठीक हो जाती है।

(8) लौंग – नमक – पानी

  • 3 लौंग और 100 मिलीलीटर पानी लें फिर इन दोनों को उबालें,
  • जब पानी आधा रह जाए तब थोड़ी सी नमक मिला लें,
  • अब इस नुस्ख को पिने से जुकाम सही हो जायेगा। हर घंटे में दोहराएँ।

(9) हल्दी – सेंधा नमक – शहद – पानी

  • 1 ग्राम हल्दी और सेंधा नमक तथा 20 ग्राम शहद लें,
  • 100 मिलीलीटर पानी में डालकार उबाल लें,
  • गुनगुना गर्म करके पिने से सर्दी जुकाम में आराम मिलता है।

(10) हिंग – सोंठ – मुलहठी – गुड़ – शहद

  • हिंग, सोंठ तथा मुलहठी इन तीनों को 1-1 ग्राम मात्रा में मिलाकर पिसकर चूर्ण तैयार कर लें,
  • चूर्ण को शहद और गुड़ में मिलाकर गोली बना लें,
  • 1 गोली दिन में तीन बार चूसें, जुकाम सही हो जाता है।

(11) हल्दी – काली मिर्च – नमक – पानी

  • सबसे पहले कुटी हुई 3 ग्राम काली मिर्च, 10 ग्राम हल्दी और थोड़ी मात्रा में काला नमक लें,
  • अब इन तीनों को पानी में डालकर उबालें,
  • जब पानी आधा हो जाये तब गरमा गर्म पियें, जुकाम ठीक हो जाता है।

सर्दी-जुकाम के आयुर्वेदिक उपचार

(1) लक्ष्मी विलास रस : यह शरीर के लिए बहुत ही असरदार आयुर्वेदिक जड़ी है। इसके साथ शहद और पान की रस को सुबह-शाम लेने से जुकाम ठीक हो जाता है।

(2) सुदर्शन घनवती : इसका स्वाद कड़वा होता है, सर्दी जुकाम के लिए अत्यन्त लाभकारी होती है।

(3) एलादी वटी : इसे मुह में लेकर चूसने से दर्द वाली सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है, सर्दी-जुकाम-खाँसी के लिए बहुत ही असरदारक दवा है।

(4) गोदंती भस्म तथा लक्ष्मी विलास रस : इन दोनों को मिलाकर लेने से सर्दी जुकाम में आराम मिलता है।



सर्दी-जुकाम के दौरान, रखें इन बातों का ध्यान

  • ठंडी चीजों से रहे दूर।
  • ठण्ड के मौसम में पानी गरम करके नहायें।
  • गर्मी के मौसम के दौरान मिर्च मसाले का इस्तेमाल न करें।
  • शरीर के लिए “तीव्र-प्रतिकिया (allergy)” होने वाले चीजों से दूर रहें।
  • इस दौरान पेट में कब्ज या कोई दूसरी पेट की बिमारी है तो पहले इसे ठीक करें।
  • शरीर में कमजोरी न होने दें, नही तो जुकाम ज़ल्दी ठीक नही होगा।
  • गलतुण्डिका (tonsil) के बढ़ने पर ध्यान दें।
  • अगर ऊपर बताएं गए उपचार से फायदा नही मिल रहा हो तो, इसका ज्यादा इस्तेमाल न करें और तुरंत किसी नजदीकी जुकाम विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।

सही और गलत – केवल हिंदी में “, पर अपना कीमती समय देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया।

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