बोस-आइंस्टीन संघनित : Bose-Einstein Condensate (BEC) – SahiAurGalat



ये बात हमारे लिए कुछ ही साल पुरानी है। मै बात कर रहा हूँ वर्ष 1924 और 1995 की। हमारे देश के महान वैज्ञानिक और भौतिक शास्त्र सतेन्द्र नाथ बोस जी ने वर्ष 1924 मे द्रव्य की बोस-आइंस्टीन संघनित अवस्था के बारे मे भविष्यवाणी किए थे। जो की इनके और महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा वर्ष 1924-25 मे खोज की गयी बोस-आइन्स्टाइन सांख्यिकी के सिद्धान्त से संबन्धित है।

हालांकि उस समय इन दोनों के पास इस द्रव्य की अवस्था को असल मे बनाने के लिए उपकरण की व्यवस्था नहीं थी। जिसके वजह से यह केवल एक तथ्य के रूप मे ही रह गया था।

समय बीतता गया और समय के साथ ये दोनों महान वैज्ञानिक “15 अप्रैल 1955 (अल्बर्ट आइंस्टीन)” और “4 फरवरी 1974 (शतेन्द्र नाथ बोस)” इस मायानगरी को छोडकर स्वर्ग मे चले गए।

फिर वर्ष 1955 मे दो वैज्ञानिक एरिक कर्नेल (Eric Cornell) और कर्ल वेमैन (Carl Weiman) ने शब्द “गैसीय संघनन (Gaseous Condensate)” का खोज किए। इन दोनों ने रूबीडीयम (Rb) गैस को 170 नैनो केल्विन तापमान तक ठंडा किए, जिसके उपरान्त उन्हे पहली बार बोस आइंस्टीन संघनित द्रव्य मिला।



बोस-आइंस्टीन संघनित किसे कहते हैं?

जब किसी बोसॉन (Boson) के तनु गैस को परम शून्य (absolute zero) यानी लगभग “-273.15 डिग्री सेंटीग्रेड” तापमान तक ले जाते है, तब एक ऐसी द्रव्य की अवस्था प्राप्त होती है, जिसे बोस-आइंस्टीन संघनित कहते हैं।

द्रव्य की तीन मुख्य अवस्था ठोस, द्रव और गैस के अलावा तापमान की असामान्य अवस्था मे पाये जाने वाले द्रव्यों मे “बोस-आइंस्टीन संघनित” अवस्था के परमाणु, सबसे कम ठंडा और कम उत्तेजित ऊर्जा वाले होते हैं।

बोसॉन, एक उप-परमाण्विक कण (subatomic particles) है जिसका नाम सत्येन्द्र नाथ बोस जी के नाम पर पड़ा था।

BEC के उदाहरण

  • रूबीडीयम गैस परमाणु
  • हीलियम – 4
  • मैगनन (Magnon), आदि।

धन्यवाद ! तो कैसी लगी आज की बेहतरीन जानकारी आपको। उम्मीद करता हूँ की अच्छी लगी होगी और पूर्ण रूप से समझ मे भी आ गया होगा।

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