अनार (Pomegranate) के फायदे, नुकसान और पोषण तत्व – SahiAurGalat

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अनार को अँग्रेजी मे पोमेग्रेनेट (Pomegranate) और संस्कृत मे दाड़िम कहते है। इसका फल कच्चा होता है तब तब हरे रंग का होता है तथा पकने के बाद गुलाबी-लाल रंग का हो जाता है।

इस फल को छिलकर इसके अंदर के बीज को खाया जाता है, या फिर इस बीज का रस निकालकर पीते है। इन बीजों को अनारदाना तथा छिलके को नासपाल कहते है।

पकने के बाद अनारदाना गाढ़ा लाल, गुलाबी रंग का हो जाता है। इसका स्वाद हल्का खट और लाजवाब मीठा होता है। इसका पेड़ लगभग 20 फुट के ऊचाई का होता है। इसके बहुत सारे शाखाएं यानि डालियाँ होती हैं।

हमारे देश भारत मे इसका उपयोग बहुत लाभकारी बताया जाता है। डॉक्टर ज़्यादातर बीमारी से ग्रसित रोगी को अनार का जुस लेने को कहते है। इसका कारण साफ है, की इसके सेवन से रोगी शक्ति और रोग से लड़ने की क्षमता मिलती है।



अनार मे पाये जाने वाली पोषण तत्व

निम्नलिखित पोषण तत्व ब्योरा प्रति 100 ग्राम सेव के हिसाब से है –

विटामिन :

  • B1 (0.067 मिलीग्राम)
  • B2 (0.053 मिलीग्राम)
  • B3 (0.293 मिलीग्राम)
  • B5 (0.377 मिलीग्राम)
  • B6 (0.075 मिलीग्राम)
  • B9 (38 माइक्रोग्राम)
  • C (10.2 मिलीग्राम)
  • E (0.60 मिलीग्राम)
  • K (16.4 माइक्रोग्राम)

आहारीय खनिज (mineral) :

  • आइरन (0.3 मिलीग्राम)
  • ज़िंक (0.35 मिलीग्राम)
  • सोडियम (3 मिलीग्राम)
  • कैल्सियम (10 मिलीग्राम)
  • मग्नेसियम (12 मिलीग्राम)
  • फास्फोरस (36 मिलीग्राम)
  • पोटैसियम (236 मिलीग्राम)

प्रोटीन : 1.67 ग्राम।
ऊर्जा : 83 किलो कैलोरी।
कोलेस्ट्रल : 0 मिलीग्राम।
कार्बोहाइड्रेट : 18.7 ग्राम।
शुगर (शर्करा) : 13.67 ग्राम
आहारीय रेशा (dietary fibre) : 4 ग्राम।
वसा : 1.17 ग्राम।

अनार के सेवन से फायदे

अल्जाइमर रोग (भुलने की बीमारी) – हमारे लिए यादाश्त कितनी ज़रूरी है, यह आपको बखूबी पता है। अल्जाइमर रोग एक ऐसी बीमारी है जिसके होने से आप छोटी छोटी बातों को याद रखने मे असक्षम हो जाएंगे। अगर आपको इस बीमारी से बचना है तो अनार का सेवन आपके लिए रामबाड़ दवा है।

विटामिन सी की कमी दूर करे – रोज की दिनचर्या मे मानव शरीर के लिए ज़रूरी विटामिन सी की पूर्ति लगभग 2 अनार के खाने से की जा सकती है। जिससे आपके शरीर मे होने वाली इस विटामिन सी की कमी से बच सकते है और तंदरुस्त जीवन जी सकते है।

सहनशक्ति को बढाने मे कार्यगर – इसमे पाये जाने वाले ऑक्सीडेंट्स किसी परिश्रमी काम-काज या फिर खेलकुद के दौरान होने वाली ऑक्सीडेटिव क्षति को कम करता है। जिससे आपको होने वाले दर्द की सहनशक्ति बढ़ती है तथा शारीरिक ताकत मे बढ़ोतरी होती है।

बढ़ती उम्र के लक्षणो को कम करता है – मानव शरीर रोज दिन ब दिन बूढ़ा होता रहता है। अर्थात शरीर की शक्ति और कोमलता कम होती रहती है। लेकिन समय से पहले यानि कम उम्र मे इसका लक्षण बहुत ही भयावह लगेगा, जैसा की कोई भी इंसान नहीं चाहेगा। इसके उचित सेवन से इसमे पाये जाने वाले विटामिन्स और मिनरल्स चमड़ी के बूढ़े हो चले सेल्स को हटाकर नया सेल्स पैदा करते है। जिससे शरीर की चमड़ी कोमल, सुनहरा दिखता है तथा लंबे उम्र तक जवानी सुख भोग सकते है।

पाचन क्रिया मे सहायक – इसके सेवन से आंत तंदरुस्त बनता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है।

गठिया, जोड़ो का दर्द और संयुक्त सूजन की बीमारी मे सहायक – अनार मे पाये जाने वाले विटामिन, मिनरल्स तथा एंटि-ऑक्सीडेंट्स इन रोगो मे बहुत ही लाभकारी होते हैं।

बेहतर रक्त प्रवाह और धमनी के लिए – अनार का रस रक्त प्रवाह को बेहतर करता है और धमनी को मोटा तथा कठोर होने से बचाता है।

कैंसर रोकथाम के लिए लाभदायक – विशेषज्ञो द्वारा खोज मे यह पाया गया है की, अनार के रस के सेवन से पौरुष ग्रंथि कैंसर को बड़ने से रोका जा सकता है। हालांकि यह बात दावे के साथ नहीं कहा जा सकता है की इसके सेवन से क़ैसर रोग पर विजय पाया जा सकता है। लेकिन अगर थोड़ा बहुत भी फायदा मिलता है तो क्या बुराई है इसका सेवन करने मे।

विषाणु विरोधी – इसका रस सामान्य बीमारी के वायरस को खत्म करने मे सहायक होता है और उसके संक्रमण को रोकता है।



अनार के सही और गलत तथ्य

इसमे कोई शक नहीं है की इसका स्वाद लाजवाब होता है तथा इसके बेहतरीन फायदे भी होते है। लेकिन इसके इस्तेमाल से कुछ गलत प्रभाव भी पड़ सकता है। हालाँकि की उचित स्थिति और तरीके से किया गया सेवन नुकसानदेह नहीं होता है। बस उसके बारे मे जानकारी होनी चाहिये। निम्नलिखित मे पढ़िये अनार के सेवन से होने वाले नुकसान।

मधुमेह के रोगी के लिए इसका सेवन हानिकारक साबित हो सकता है। क्यूंकी इसमे शर्करा की मात्रा अधिक होती है, जो की मधुमेह के रोगी के लिए नुकसानदायक होता है।

अगर आप अपना वजन कम करने के लिए डाइट पर है तो इसका सेवन नहीं करें, क्यूंकी इसमे कैलोरी की अधिकता के वजह से आपका वजन और भी बढ़ सकता है।

अगर कोई यकृत विकार से ग्रसित व्यक्ति इसका सेवन करता है तो इसका नुकसान उसके यकृत कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है। क्यूंकी खोज परीक्षण मे यह पाया गया है की अनार मे उपस्थित एन्जाइम्स यकृत के एन्जाइम्स के कार्यप्रणाली मे बाधा डाल सकते है। अतः यकृत मे किसी परेशानी से जूझ रहे रोगी को इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

इन तीन चीजों के अलावा, अगर आप इसका अधिक सेवन करते है तो पेट दर्द, उल्टी आदि तरह की समस्या से जूझना पड़ सकता है। वही बात है की किसी भी चीज का इस्तेमाल ज़रूरत के हिसाब से ही करना ठीक होता है।


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