कंप्यूटर के बारे मे सामान्य ज्ञान - फोटो

कंप्यूटर शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले 1613 मे उन इंसान के लिए किया था जिनकी गिनती, गणना और संगणना बहुत ही बेहतरीन थी।

कंप्यूटर प्रोग्राम के जनक अँग्रेजी बहुश्रुत “चार्ल्स बैबेज (26 दिसंबर 1791 – 18 अक्टूबर 1871)” को माना जाता है। दुनिया की पहली मेकैनिकल कम्प्युटर 1822 मे चार्ल्स बैबेज द्वारा बनाई गयी थी। आधुनिक कम्प्युटर के जनक “एलेन मैथिसन ट्यूरिंग (23 जून 1912 – 7 जून 1954)” को माना जाता है।

कम्प्युटर का पूर्ण रूप निम्नलिखित होता है ;

  • C : कॉमन्ली (COMMONLY)
  • O : ऑपरेटेड (OPERATED)
  • M : मशीन (MACHINE)
  • P : पर्टिकुलर्ली (PARTICULARLY)
  • U : यूज्ड फॉर (USED FOR)
  • T : टेक्निकल (TECHNICAL)
  • E : एज्युकेशन (EDUCATION)
  • R : रिसर्च (RESEARCH)



कंप्यूटर क्या है?

कम्प्युटर को संगणक, अभिकलक, परिकलक,अभिकलित्र आदि नाम से भी जाना जाता है। कंप्यूटर के जरिये कठिन से कठिन टेक्निकल व वैज्ञानिकीय समस्याओं का हल आसानी से निकाला जा सकता है।

कंप्यूटर की परिभाषा

कंप्यूटर केवल लैपटाप और डेस्कटॉप को ही नहीं, बल्कि उन सभी “इलेक्ट्रॉनिक यंत्र या साधन या मशीन” को कहते है, जिसके जरिये गणितीय, तार्किक परिचालन (Logical operations) व अनेकों प्रकार की गणनाओं बहुत ही आसानी से किया जा सकता है।

कंप्यूटर के प्रकार

कम्प्युटर को वर्ग के हिसाब से बाँटना बेहतर होगा। क्यूंकी कम्प्युटर बहुत सारे होते हैं, जिन्हे पूर्णरूप से एक एक करके समझाना मुश्किल होगा। कम्प्युटर मुख्यतः निम्नलिखित प्रकार की होती है।

  1. मिनी कम्प्युटर
  2. लैपटाप
  3. पर्सनल कम्प्युटर
  4. वर्कस्टेशन कम्प्युटर
  5. सर्वर कम्प्युटर
  6. मेनफ्रेम कम्प्युटर
  7. सुपर कम्प्युटर

स्मार्टफोन भी कम्प्युटर होता है। जैसे कम्प्युटर के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम, रैम, प्रॉसेसर इत्यादि की ज़रूरत पड़ती है, वैसे ही स्मार्टफोन के लिये भी ऑपरेटिंग सिस्टम (android, ios), प्रॉसेसर, रैम इत्यादि की ज़रूरत पड़ती है।

कंप्यूटर के दो मुख्य अंग

हमारे शरीर के जैसे कुछ खास अंग होते हैं जिसके बगैर हम ज़िंदा नहीं रह सकते। वैसे ही कंप्यूटर की भी 2 खास अंग होती है, जिसके बगैर कंप्यूटर का कोई अस्तित्व नही होता है।

(1) हार्डवेयर :- मदरबोर्ड, मॉनिटर, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU), पावर सप्लाइ यूनिट (PSU), कम्प्युटर डाटा स्टोरेज (HDD अथवा SSD), रैम (RAM), सी. डी. ड्राइव, ग्राफिक्स कार्ड, साउंड कार्ड, वेबकैम, माऊस, कीबोर्ड इत्यादि।

(2) सॉफ्टवेयर :- इसका भी दो भाग होता है, पहला “सिस्टम सॉफ्टवेयर” और दूसरा “एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर”।

  •  सिस्टम सॉफ्टवेयर :- ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर, बॉयस (BIOS), फ़र्मवेयर, यूटिलिटि, संकलक (compiler), इंटरप्रेटर (दुभाषिया), असेम्ब्लर (कोडांतरक) इत्यादि।
  • एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर :- वेब ब्राउज़र, ग्राफिक्स डिज़ाइनिंग सॉफ्टवेयर, वेक्टर डिज़ाइनिंग एप्लिकेशन, मीडिया प्लेयर, फोटो एडिटर, विडियो एडिटर, वर्ड प्रोसेसर, अकाउंटिंग एप्लिकेशन, स्प्रीडशीट इत्यादि।

कंप्यूटर का महत्व

हम तकनीक की दौर मे ज़िंदगी जी रहे हैं। और आज के समय मे बिना तकनीक के जीवन बहुत ही कष्टदायी हो सकती है। कम्प्युटर भी आज के जमाने मे हर एक मायने से बहुत ही बड़ी ज़रूरी तकनीक हो गयी है। लेकिन सवाल ये है की हमारे लिए कम्प्युटर कैसे ज़रूरी चीज है? कम्प्युटर का हमारे लिए क्या महत्व है? इन सभी प्रश्नो का जवाब निम्नलिखित पॉइंट्स के जरिये आप समझ सकते है।

  • मुझे याद है जब मै गाँव मे रहता था, जिस वक्त मेरी उम्र महज 10-11 साल थी। उस वक्त जो लड़के और लड़कियां दशवीं या बारहवीं की परीक्षा दिये थे, उन्हे न्यूज़ पेपर मे रिज़ल्ट देखना पड़ता था। इसके लिए सबसे पहले यह पता लगाना पड़ता था की कौन से न्यूज़ पेपर मे रिज़ल्ट आएगा। फिर न्यूज़ पेपर खरीदना पड़ता था या फिर अगर गाँव के किसी सम्पन्न परिवार वाले के घर वो न्यूज़ पेपर आया हो, तो उसके घर जाके रिज़ल्ट देखना पढ़ता था। बात यही नहीं खत्म होती है, जिस किसी का रोल नंबर न्यूज़ पेपर मे आया होता था केवल वही पास रहते थे। अर्थात किसका कितना नंबर आया है, कितना पर्सेंटेज है, किस – किस विषय मे फ़ेल हैं इत्यादि, ये कुछ भी नही पता चलता था। इसके लिए महीनो मार्कशीट आने तक इंतजार करना पढ़ता था। लेकिन आज के समय मे कंप्यूटर तकनीक के जरिये रिज़ल्ट से संबन्धित लगभग सारी बातें कुछ सेकंड मे पता चल जाती हैं।
  • किसी भी तरह की घरेलू या ऑफिसियल फ़ाइल, मैसेज इत्यादि इंटरनेट की सहायता से कम्प्युटर के जरिये तुरंत कही भी, कभी भी भेजा जा सकता है।
  • किसी मीटिंग से संबन्धित काम के लिए कस्टमर या किसी से भी कम्प्युटर की सहायता से विडियो कॉल करके बातचीत कर सकते हैं।
  • यहाँ तक की दो या दो से अधिक लोगों को (चाहे जहाँ भी हो) एक साथ, एक समय पर कम्प्युटर तकनीक से “दूर सम्मेलन (conferencing) करा सकते है।
  • दफ्तर, ऑफिस और घरेलू दस्तावेज़ की हर एक काम-काज पेपर, कॉपी पर होता था और आज भी होता है। लेकिन कम्प्युटर के माध्यम से आज के समय मे हर तरह की दस्तावेज़ को सुरक्षित और “वहनीय (मतलब उन दस्तावेज़ो को जो जीमेल या अन्य ड्राइव पर रखे है, उनको दुनिया के किसी भी कोने से ज़रूरत पढ़ने पर काम मे ले सकते हैं)” रख सकते है।
  • बिल्डिंग वर्क, मशीन वर्क, डिज़ाइन वर्क इत्यादि कम्प्युटर के माध्यम से बहुत ही आसानी से डिज़ाइन किया जा सकता है। साथ ही साथ माप की शुद्धता जो कम्प्युटर मे मिल सकती है वो पेपर वर्क या हस्तचलित से नहीं मिल पाता है।
  • 20 वीं शताब्दी मे जो “असंभव सी दिखने वाली चलचित्र” फिल्म और मीडिया के माध्यम से देखने को मिल रही हैं, वो 1001% प्रतिशत कम्प्युटर का ही कमाल है।
  • कम्प्युटर की वजह से आज हम मोबाइल रीचार्ज, टीवी रीचार्ज, इंटरनेट रीचार्ज, डिश रीचार्ज, बिजली बिल, मनी ट्रान्सफर, घर बैठे कोई सामान मँगवाना, फिल्मे देखना, न्यूज़ देखना, न्यूज़ पेपर पढ़ना इत्यादि तरह की बहुत सारी चिजे आसानी से, समय को बचाते हुये कर पाते है।
  • वास्तविकता यह है की कम्प्युटर से हमारी दैनिक जीवन की बहुत सारी चिजे आसानी से की जा सकती है। हालांकि हमे बहुत सी ऐसी सुविधाओं के बारे मे भनक तक नही है, जो कम्प्युटर के जरिये की सकती है।



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