शेर, जंगल और भविष्य – बच्चों की कहानियाँ – SahiAurGalat

प्रेरणादायक कहानी - वर्तमान ही भविष्य है

भविष्य के लिए वर्तमान न खोयें, वर्तमान ही आपकी आने वाली भविष्य है

एक बहुत ही खुशनुमा और हरा भरा जंगल था। उस जंगल के सभी जीव-जंतु और जानवर बड़े ही सुख-शांति से जीवन व्यतीत करते थे। क्यूँकि उस जंगल के राजा शेर खान हमेशा अपने जंगल के सभी जीव-जंतु और जानवरों की रक्षा करते थे।

कुछ समय पश्च्यात दुसरे जंगल के कुछ दुष्ट जानवर शेर खान के जंगल के जानवरों को धोखे से मारने लगे। और यह बात शेर खान जैसे ही पता लगा शेर खान बहुत दुखी हो गया। फिर बिना समय नष्ट किये शेर खान पास पड़ोस की सभी जंगल के राजा से मिला तथा इसके बारे में शिकायत की पर किसी भी राजा ने उसकी बात नही सुनी।

शेर खान को बहुत गुस्सा आया, परन्तु शेर खान कोई गलत कदम नही उठाना चाहता था। इसीलिए शेर खान वापस अपने जंगल में आकर, सभी जानवरों के मदद से पुरे जंगल के चारो तरफ बहुत ही कटीले झाड़ और तार लगवा दिया। जिससे कोई भी बाहरी जानवर अन्दर न आ सके।

शेर खान के इस फैसले से सभी जानवर फिर से ख़ुशी-ख़ुशी जीवन यापन करने लगे। कुछ दिन बाद शेर खान का बेटा पैदा हुआ, जिसका नाम शमशेर रखा गया। शमशेर के आने से जंगल में खुशियाँ और बढ़ गयी थी। शमशेर जंगल के सभी जानवरों के बेटों के साथ खेलता था।

लेकिन अचानक फिर कुछ दिन बाद जंगल में बुरा साया छाने लगा अर्थात जानवर फिर से गायब होने लगे। सबसे पहले एक बन्दर का छोटा बेटा गायब हुआ। फिर कुछ रोज बाद भालू का एक बच्चा गायब हो गया। इसी तरह धीरे धीरे बहुत से जानवरों के बच्चे गायब होने लगे।

शेर खान बहुत परेशान हो गया, अचानक शेर खान को लगा की पढ़ोस के जानवर फिर अन्दर तो नही आने लगे। तुरंत शेर खान सबसे पहले जंगल के चारो तरफ लगे कटीले झाड़ और तार की जाँच करवाया।

लेकिन चारों तरफ लगे कटीले झाड़ और तार सुरक्षित सही मिलें। फिर शेर खान ने पुरे जंगल में अच्छे से खोज करवाई। लेकिन नाही बन्दर तथा भालू के बच्चे मिले और नाही किसी दुसरे जानवरों के बच्चे मिले।

इस बात से शेर खान बहुत चिंतित हो गया और अपने सिर पर हाथ रखकर सोचने लगा की अब क्या करूँ। शमशेर अपने पिता की इस हालत को देखकर उनके पास आया और बोला पिताश्री आप परेशान मत हों। क्यूँकि मैंने सारा इंतज़ाम कर दिया है, अब हमें आने वाले दिनों में कोई दिक्कत नही होगी।

यह बात सुनकर शेर खान सोच में पड़ गया की शमशेर क्या कहना चाहता है। तभी शमशेर बोला की पिताश्री आप यही सोचकर परेशान हैं न, की अब हम आगे आने वाले दिनों में खाना कैसे बचायेंगे। आप चिंता न करें पिताश्री क्यूँकी मैंने ही बन्दर, भालू और बाकि के बच्चो को अपने घर में छुपाकर रख दिया, ताकि हमें भविष्य में खाना खाने के लिए कोई दिक्कत न हो!

शेर खान अपने बेटे की यह बात सुनकर हैरान हो गया और बोला : शमशेर आप मुझे ये बताओ की क्या आप सांस लेने से पहले और सांस लेने के बाद यह सोचते हो की आपने सांस कैसे लिया।

तो शमशेर बोला : नही,

शेर खान : क्या आप एक बार में इतनी गहरी सांस ले सकते हो, की आपको दुबारा फिर कभी सांस नही लेनी पड़े।

फिर शमशेर बोला : नही पिताश्री!

शेर खान : बेटा शमशेर आने वाला भविष्य कैसा होगा, यह किसी को नही पता, तो फिर हम भविष्य की चिंता क्यूँ करें। हमारे भविष्य में जो होना तय है उसे कोई नही रोक सकता। अगर हम आज यानि वर्तमान को अच्छा रखेंगे तो कल भी अच्छा होगा। अपने आज को अच्छे से जीना सीखो। जो हमारा है, वो बाकी सबका है तथा हम उनसे है और वो हमसे हैं। सबके साथ खुशियाँ बाटो, प्यार बटोरो। तुमसे जो हुयी है वह नादानी में उठायी गयी एक गलत कदम है। तुम अभी छोटे बच्चे हो और वो बच्चे भी तुम्हारा दुसरा रूप हैं। बेटा शमशेर अपने आने वाले भविष्य के चक्कर में अपना वर्तमान नही खोना चाहिए।

शमशेर अपने पिताश्री शेर खान की बात को समझ गया और अपने गलती का एहसास करते हुए माफ़ी भी माँगा तथा सभी बच्चो को मुक्त कर दिया। शमशेर के इस समझदारी बारे निर्णय से फिर से पुरे जंगल में खुशियों का लहर दौड़ पड़ा।

निष्कर्ष (Conclusion) – वर्तमान ही भविष्य है:

हमें कभी भी अपने भविष्य के लिए अपने वर्तमान को ख़राब नही करना चाहिए। क्यूँकि हमारा वर्तमान ही आने वाला भविष्य है।




टिप्पणी : यह साझा की गई प्रेरणादायक कहानी लेखक की मूल रचना नहीं है, लेखक द्वारा इसे पहले कही पढ़ा या सुना गया है, तत्पश्च्यात इसे केवल कुछ संशोधनों के साथ हिंदी संस्करण में प्रस्तुत किया गया है। धन्यवाद !

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