SEO Techniques से वेबसाइट की रैंकिंग बढायें: On Page & Off Page SEO

seo techniques से संबन्धित फोटो

आज मै बात करूँगा की कैसे, SEO Techniques से वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ाएं। शुरू करने से पहले आपको शुरूआती दो टॉपिक के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। पहला “SEO क्या होता है, और ये कैसे काम करता है”, दूसरा “वाइट हैट और ब्लैक हैट SEO (types of seo)” क्या है। मै ये उम्मीद करता हूँ की आपको इन दोनों के बारें में अच्छा ज्ञान है।

ज्यादा जानने के लिए यहाँ पढ़ें :
(1) SEO क्या होता है, और ये कैसे काम करता है ?
(2) वाइट हैट और ब्लैक हैट SEO (types of seo) क्या है ?

Seo Techniques के प्रकार

एस.ई.ओ. तकनीक दो प्रकार का होता है:
– ऑन पेज एस.ई.ओ. (On-Page seo techniques)
– ऑफ पेज एस.ई.ओ. (Off-Page seo techniques)



ऑन पेज Seo Techniques

ऑन पेज एस.ई.ओ. के अंतर्गत वेबसाइट के पेज पर कुछ ख़ास तकनीक का इस्तेमाल करके, किसी भी वेबसाइट की रैंकिंग नंबर एक कर सकते है। वो तकनीक क्या होतीं हैं और उनका सही इस्तेमाल कैसे करें, निम्नलिखित में समझेंगे।

1. पेज टाइटल (Page Title) सबसे खास जड़ होता है किसी भी “लेख यानी पोस्ट” का। तो हमेशा यह कोशिश करें की पेज टाइटल में पोस्ट से सम्बंधित सबसे खास कीवर्ड ज़रूर हो। या फिर कीवर्ड से मिलता जुलता पेज टाइटल लिखने की कोशिश करें।

एक बात का ज़रूर ध्यान रखें की कीवर्ड कभी भी पेज टाइटल में दुहराया न जाये। हो सके तो पेज टाइटल में कुछ कीवर्ड को संबोधित करने वाले शब्द का इस्तेमाल करें जैसे – सीखें (Learn), गाइड (Guide), टॉप (Top), हिंदी में (in Hindi)…

2. URL अथवा पर्मालिंक संरचना (URL or Permalink Structure) में भी पोस्ट से सम्बंधित कीवर्ड का इस्तेमाल करें। उटपटांग पर्मालिंक संरचना का इस्तेमाल ना करें।
जैसे – https://www.sahiaurgalat.com/10-03-2017/what-is-permalink-structure

छोटा और केवल कीवर्ड रहित पर्मालिंक संरचना का इस्तेमाल करने की कोशिश करें।
जैसे: https://www.sahiaurgalat.com/permalink-structure

पर्मालिंक में विराम चिन्ह (stop word) का इस्तेमाल ना करें: जैसे – में (in), the, है (is) इत्यादि। कोई भी पोस्ट पब्लिश करने से पहले एक बार प्रीव्यू (preview) करके यह जाँच कर लें की, पेज URL बिलकुल आपने जैसा बनाया वैसा है या नही।

उदहारण के तौर पर यह एक अच्छा URL अथवा पर्मालिंक संरचना है:
https://www.sahiaurgalat.com/search-engine-optimization-seo-hindi

3. मेटा विवरण टैग्स (Meta Description Tags) मेटा विवरण टैग्स कीसी भी “वेब पेज हैडर (web page header)” में html कोड का एक ख़ास टुकड़ा (snippet) होता है (लेख के किसी ख़ास हिस्से का भाग या टुकड़ा)। जिसका काम होता है, उस पेज यानी लेख के बारे में बेहतर सारांश देना।

उदाहरण के तौर पर : जब हम कोई चीज किसी सर्च इंजन (जैसे गूगल) पर खोजते है तो एक पेज खुलकर आता है, जिसमे बहुत सारे लेख के लिंक दिखते हुए नज़र आते है। जैसा की निचे दिए गए फोटो में एक लिंक दिख रहा है। आप देख पा रहे होंगे की हरे बॉक्स में छोटा सा लेख का एक टुकड़ा दिख रहा है जिसमे कुछ ख़ास कीवर्ड है जैसे – फ़िल्म, चलचित्र, सिनेमा। जो पेज टाइटल यानी हैडर का बखूबी तरीके से व्याख्या कर रहे है। जो की seo के लिए बहुत फायदेमंद है।

meta description tags

तो मेटा विवरण में कीवर्ड का इस्तेमाल करें जिससे बेहतर “सर्च इंजन रिजल्ट्स पेज (SERP)” के लिए SEO बेहतर हो सके। मेटा विवरण 120 से अधिक और 160 से कम अक्षर की बेहतर होती है, मतलब कोशिश करें की मेटा विवरण की लम्बाई 120 से 160 अक्षर के बीच की हो।

4. संबंधित तस्वीर का उपयोग (Use Related Post Picture) अपने लेख में ज़रूर करें, क्यूँकी किसी लेख में लेख से सम्बंधित तस्वीर को लगाने से पाठकों के लिए उस लेख को समझाना बहुत आसान हो जाता है। जिससे पाठकों को बोरीयत नहीं महसूस होता है। तस्वीर के साथ साथ विडियो, ग्राफ  इत्यादि का भी इस्तेमाल कर सकते है। इन सबके वजह से पाठक आपके वेबसाइट पर ज्यादा समय देते हैं, जो की सर्च इंजन के अल्गोरिथम के हिसाब से बहुत बढ़िया होता है।

5. शीर्षक टैग्स (Heading Tags – H1, H2, H3,..H6) ऑन पेज seo के लिए बड़े ही अहम भूमिका निभाते है। लेख लिखते समय इन टैग्स में कीवर्ड का इस्तेमाल ज़रूर करें।

ध्यान रखें की कीवर्ड्स हर टैग्स में अलग अलग हो। अर्थात लेख से सम्बंधित कुछ सबसे ख़ास कीवर्ड्स को इकठ्ठा कर लें, फिर उन कीवर्ड्स को घटते हुए क्रम में नोट के तौर पर कही लिख लें। अंततः उन सभी कीवर्ड को बारी बारी से H1, H2, H3,..H6 में इस्तेमाल करें।

ज़्यादातर CMS (कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम) जैसे wordpress स्वतः ही लेख के पेज टाइटल को H1 टैग्स बना देते है। वैसे सबसे ज्यादा ध्यान देने वाले शीर्षक टैग्स केवल H1, H2 और H3 होते हैं।

6. आला दर्जे का लेख लिखें (Write Niche Content), लेख पूर्णतया आपके पेज टाइटल के अनुरूप होना आवश्यक है। एक आला दर्जे का लेख लिखते समय कीवर्ड का सही इस्तेमाल करना बहुत ज़रूरी है। जब कोई पाठक आपके लेख को पढ़ना शुरू करता है तो वह उस लेख में वही चीज़ ढूढने की कोशिश करता है जो आपने पेज टाइटल में लिखा है। क्यूँकी पाठक उसी पेज टाइटल को पढ़ कर आपके वेबसाइट पर आया है।

तो असली बात यह है की अगर लेख, पेज टाइटल से शत प्रतिशत मिलता नहीं है तो पाठक तुरंत आपके पेज तो छोड़ कर कोई दूसरा लेख पढ़ने के लिए निकल पड़ेगा। जो की सर्च इंजन के नियमानुसार बिलकुल भी ठीक नहीं है। इस बात से सर्च इंजन यह अनुमान लगा लेंगे की इस पेज कुछ झोल है इसी वजह से पाठक पढ़ने के बजाय तुरंत पेज छोड़कर वापस चले जा रहे हैं। परिणाम स्वरुप आपकी वेबसाइट की पेज रैंकिंग में गिरावट आएगी।

किसी लेख को बेहतर बनाना मतलब सर्च इंजन और पाठक दोनों के नज़र में विश्वास पात्र बनना। तो मुद्दे की बात यह है की लेख ऐसा लिखे जिससे हर एक पाठक आपके पेज पर ज्यादा से ज्यादा समय दें। फल स्वरुप सर्च इंजन आपकी वेबसाइट की पेज रैंकिंग में बढोतरी करेगी।

ध्यान दें : हर लेख में कम से कम 300 शब्दों का इस्तेमाल करें। वैसे गूगल की मानें तो जितना ज्यादा बड़ा लेख रहेगा उतना ही बेहतर होगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं की कुछ भी लिख दें।

7. कीवर्ड घनत्व (Keyword Density), लेख के शुरूआती लगभग 100 शब्दों में ही अपने ख़ास कीवर्ड का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें की कीवर्ड बार बार दोहराएँ नहीं जाएँ, बल्कि उचित कीवर्ड्स को सही वाक्य बनाते हुए पेश करें। एल. एस. आई. कीवर्ड का छिडकाव (Spraying LSI Keywords) ज़रूर करें, इससे सर्च इंजन को आपके लेख की विषय को समझने में आसानी होती है। अतः जब कोई पाठक उन कीवर्ड से सम्बंधित कुछ सर्च करता है तो सर्च इंजन आपके लेख को पहले पेज पर रखने की भरपूर कोशिश करता है।

सबसे ख़ास बात, कीवर्ड का इस्तेमाल अधिकतम 1 से 1.5% तक ही करें।

8. आतंरिक लिंक जोड़ें (Internal Linking), लेख को लिखते समय ऐसे वाक्य और शब्द भी लिखने की कोशिश करें जो आपके वेबसाइट की दूसरी लेख से सम्बंधित हो। और फिर उन वाक्य या शब्द को अपने दुसरे सम्बंधित “लेख URL लिंक” द्वारा जोड़ दें। आतंरिक लिंक की सबसे बढ़िया उदाहरण समझने के लिए, विकिपीडिया के किसी लेख को देखें ज़रूर देखें। हर लेख में कम से कम 2 आतंरिक लिंक ज़रूर जोड़ें।

9. बाहरी लिंक जोड़ें (External Linking), सर्च इंजन अल्गोरिथम के अनुसार किसी लेख में बाहरी वेबसाइट के लेख या पेज को जोड़ने से, आपका लेख किस बारें में है इस बात का सही अंदाजा लगाना सर्च इंजन के लिए आसान हो जाता है। फलस्वरूप जब कोई सर्च इंजन पर आपकी लेख से सम्बंधित कुछ भी सर्च करता है तो, सर्च इंजन आपके पेज को सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर लाने की कोशिश करता है। जिससे वह लेख “सर्च रिजल्ट पेज” में बहुत ज़ल्दी अच्छी रैंकिंग प्राप्त कर लेती है। नतीजन आपकी वेबसाइट की रैंकिंग बढती है।

ध्यान रखें: ज्यादा बाहरी लिंक न जोड़ें 

10. वेबसाइट गति और कार्यशीलता (Website Speed & Performance), गूगल के अनुसार किसी भी वेबसाइट की रैंकिंग उसकी वेबसाइट के गति और कार्यशीलता पर भी ख़ास तौर से निर्भर करती है। मतलब यह की अगर किसी वेबसाइट की गति यानि “पेज लोडिंग टाइम” धीमी रहती है तो ज़्यादातर पाठक उस पेज को छोड़कर दुसरे किसी वेबसाइट पेज पर चले जाते हैं। और आपके वेबसाइट पर दुबारा नहीं आते है।

कुछ सर्वेक्षण (survey) के अनुसार यह पाया गया है की, 70% ऑनलाइन पाटक उस वेबसाइट पर दुबारा नहीं जाते है जिन वेबसाइट की स्पीड अधिकतम 4 सेकंड से ज्यादा रहती है।

तो बिना देरी किये बगैर आपकी वेबसाइट की स्पीड सही करने के लिए आपको बेहतर थीम (theme), फ़ास्टर होस्टिंग सर्विस (faster hosting service), सी.डी.एन. (CDN) और इमेज ऑप्टीमाईज़र (image optimizer) का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए।

11. चित्र अनुकूलन (Image Optimization), जब आप कोई चित्र अपने किसी लेख में डालते है तो उस चित्र के टाइटल नाम (Title) में लेख की सबसे ख़ास कीवर्ड को डालें और alt text में चित्र और लेख से सम्बंधित कीवर्ड डालें। जैसे- (Title: ऑन पेज एस.ई.ओ. तकनीक अथवा On-Page seo technique) और (alt text: चित्र अनुकूलन अथवा image optimization)।

लेख में जब भी कोई चित्र डालें तब इस बात का ज़रूर ध्यान दें की उस चित्र की आकृति (size in kb.) बहुत ही कम हो। निचे मैंने कुछ वर्डप्रेस प्लगिन्स के नाम और लिंक दे रखा है। जिसके ज़रिये आप अपने लेख में इस्तेमाल किये जाने वाले चित्र की आकृति यानी size बहुत छोटा कर सकते हैं, वो भी बिना गुणवत्ता स्थिरता (resolution quality) कम हुए।

कुछ सबसे बेहतर वर्डप्रेस चित्र अनुकूलन प्लगिन्स (image optimization plugins) links: EWWW Image Optimizer, Shortpixel Image Optimizer, Imagify Image Optimizer, Optimus – WordPress Image Optimizer इत्यादि.

12. अनुक्रियाशील वेबसाइट बनायें (Build Responsive Website), अनुक्रियाशील वेबसाइट मतलब, अगर आप किसी लेख को अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर में जैसे देख और पढ़ पा रहे हैं, बिलकुल उसी तरह से मोबाइल और टैबलेट में भी देख और पढ़ ले रहे हैं, तो फिर वह लेख जिस वेबसाइट पर है वह वेबसाइट अनुक्रियाशील वेबसाइट (Responsive Website) है।

2015 में गूगल उन सभी वेबसाइट को रैंकिंग घटोतरी का दंड दिया था, जो वेबसाइट मोबाइल फ़ोन के अनुकूल यानी Mobile friendly नहीं थे। यह शिलशिला हो सकता है अभी भी ज़ारी हो…। चलो कुछ देर के लिए मान लेते है की आज के समय में ऐसा कुछ भी नहीं है, लेकिन कल का क्या भरोसा ?? अगर 2015 वाली घटना फिर से तूफ़ान की तरह आ गयी तो ? आपकी वेबसाइट की बनी बनायीं रैंकिंग पल भर में निचे आ सकती है। और बाकी तो आपको पता ही है की, रैंकिंग बेहतर बनाने में कितनी मेहनत करनी पड़ती है।

इस लिए वेबसाइट की संरचना ऐसी बनायें यानी वेबसाइट की थीम ऐसी रखें, जो मोबाइल फ़ोन के अनुकूल (Mobile friendly) हो।



ऑफ पेज Seo Techniques

ऑफ पेज एस.ई.ओ. तकनीक का भी काम किसी वेबसाइट की रैंकिंग को बेहतर करना ही है। इस तकनीक का इस्तेमाल वेबसाइट की दायरे से बाहर (outside of website) जाकर की जाती है। निचे मैंने कुछ ख़ास तथ्य बिंदु (points) के द्वारा ऑफ पेज एस.ई.ओ. तकनीक समझाया है, जो की सबसे बढ़िया और किफायती ऑफ पेज एस.ई.ओ. तकनीक हैं।

1. सोशल नेटवर्किंग साइट्स से जुड़ें (connect with Social Networking Sites), सोशल नेटवर्किंग साइट्स किसी भी काम से सम्बंधित मार्केटिंग और प्रचार के लिए सबसे बढ़िया स्थान है। सोशल साइट्स से आज के समय में कौन नहीं जुड़ा हुआ है (जो लोग इन्टरनेट नहीं चलाते उनको छोड़कर)।

अगर आप सोशल साइट्स से जुड़कर अपने वेबसाइट की लेख को सभी लोगों के साथ सार्वजनिक रूप से साँझा यानि शेयर करेंगे तो सोचिये कितना ज्यादा “बैक लिंक्स (back links)” बनेगी। साथ ही साथ अगर किसी को वह लेख पसंद आया और उसने फिर से उस लेख को सार्वजनिक शेयर किया अपने सभी फ्रेंड्स लिस्ट में, तो सोचिये फिर से और सारे बैक लिंक्स तैयार हो गए। इसी तरह यह शिलशिला तब तक ज़ारी रहेगा जब तक उस लेख से लोगो को फायदा होता रहेगा।

मतलब एक बात साफ है की, ज्यादा लोगो के पास लेख जाएगा तो ज्यादा लोग इसे पढेंगे और ज्यादा लोग इसे पढेंगे तो आपकी वेबसाइट की रैंकिंग में बढ़ोतरी होगी।

एक बात का और ध्यान दें अपने सोशल पेज में होने वाले हर ज़रूरी कमेंट और मेसेज का ज़वाब ज़ल्द से ज़ल्द देने की कोशिश करें। इससे पाठकों की रूचि आपके साथ और लेख के साथ बरक़रार रहती है।

बहुत ही ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली सोशल साइट्स का नाम हैं: facebook.com, twitter.com, plus.google.com इत्यादि।

2. विडियो साझा करने वाले साइट्स से जुड़ें (connect with Video Sharing Sites), अपने वेबसाइट पर होने वाली हर एक गतिविधि (जैसे – लेख लिखना, रिव्यु देना, इत्यादि) के बारें में एक विडियो ज़रूर बनायें। फिर विडियो शेयरिंग साइट्स पर अपना एक प्रोफाइल चैनल बनाकर उस विडियो को डालें तथा सार्वजनिक रूप से शेयर करें। इससे हर विडियो के माध्यम से आपके वेबसाइट का प्रचार होगा और बैक लिंक्स भी बढ़ेंगा जिससे सर्च इंजन आपकी वेबसाइट को आसानी से खोज सकेगी।

ज्यादा विख्यात विडियो साझा करने वाले साइट्स: YouTube.com, DailyMotion.com, Vimeo.com इत्यादि।

3. फोटो साझा करने वाले साइट्स से जुड़ें (connect with Image Sharing Sites), अपने वेबसाइट के किसी भी पोस्ट का सम्बंधित फोटो फाइल, फोटो साझा करने वाले साइट्स पर डालें। फोटो साझा करने से पहले कुछ बातों का ज़रूर ध्यान दें। जैसे :

  •  फोटो की गुणवत्ता (quality) बेहतर हो
  • फोटो फाइल की url उचित हो
  • फोटो की टाइटल सही हो
  • फोटो फाइल की टाइटल टैग (title tag) “पोस्ट या लेख” के अनुसार उचित हो
  • और डिस्क्रिप्शन(description) बेहतर ढंग से लिखें

कुछ ज्यादा विख्यात फोटो साझा करने वाले साइट्स : instagram.com, pinterest.com, flickr.com, photo.google.com, imgur.com इत्यादि।

4. आलेख साझा करने वाले साइट्स से जुड़ें (connect with Document Sharing Sites), अपने लेख या वेबसाइट से सम्बंधित एक आला धर्जे का पीडीऍफ़ अथवा पीपीटी (pdf or ppt) में आलेख (document) बनायें और फिर इन आलेख को डॉक्यूमेंट शेयरिंग साइट्स पर दाल दें (do submit).

कुछ ज्यादा विख्यात आलेख साझा करने वाले साइट्स : SlidesShare.net, 4shared.com, issuu.com, scribd.com, free-ebooks.net इत्यादि।

5. सोशल बुकमार्किंग साइट्स से जुड़ें (connect with Social Bookmarking Sites), सोशल बुकमार्किंग साइट्स पर किसी वेबसाइट की वेब पेज, लेख या फिर जो भी आप सर्विस अपने वेबसाइट के माध्यम से देते है, उसको सार्वजनिक तौर पर लोग आसानी से खोज और देख सकते हैं।

अगर आप अपने वेबसाईट को बुकमार्किंग साइट्स में सूचीबद्ध करते हैं, तो आपके साईट पर आर्गेनिक ट्रैफिक मिलने की अवसर बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। ज़्यादातर सर्च इंजन (ख़ास तौर पर गूगल) बुकमार्किंग साइट्स में से ही किसी सूचीबद्ध सम्बंधित बुकमार्क साईट को सर्च रिजल्ट में रख देती है। तो ऐसे में अगर आप नए है तो आपके लिए यह बहुत ही ज्यादा फायदे की बात हो सकती है।

कुछ ज्यादा विख्यात सोशल बुकमार्किंग साइट्स : reddit.com, stumbleupon.com, digg.com, slashdot.org इत्यादि।

6. ब्लॉग डायरेक्टरी सबमिशन साइट्स से जुड़ें (connect with Blog Directory Submission Sites), ब्लॉग डायरेक्टरी सबमिशन से आपकी वेबसाइट ऑनलाइन बहुत ही ज़ल्दी सर्च लिस्ट में आ सकती है, जिससे आपके वेबसाइट पर बेहतर ट्रैफिक आना शुरू हो जायेगा।

तो ज़ल्दी से एक आला दर्जे का ब्लॉग डायरेक्टरी का चुनाव कर लें और उसे ब्लॉग डायरेक्टरी सबमिशन साइट्स पर भेज दें। श्रेणी और उपश्रेणी (category and sub category) का उचित रूप से ध्यान दें।

अगर अच्छा परिणाम आने में कुछ समय रहा हो तो, परेशान बिलकुल भी न हो ! क्यूँकी जब परिणाम आने शुरू हो जायेंगे तो फिर दीर्घ कालीन तक फायदा मिलेगा।

कुछ ज्यादा विख्यात ब्लॉग डायरेक्टरी सबमिशन साइट्स : a1webdirectory.org, addfreewebdirectory.com, bizzdirectory.com, linkpedia.net, wilsdomain.com इत्यादि।

7. अपना लेख “आर्टिकल सबमिशन डायरेक्टरी साइट्स” में जमा करें (Article Submission Directory Sites), आर्टिकल सबमिशन सामान्यतः ऐसी ऑफ पेज seo प्रक्रिया है, जिसमे आपको अपने वेबसाइट के बारे में या वेबसाइट से सम्बंधित एक बढ़िया लेख लिखकर आर्टिकल सबमिशन डायरेक्टरी साइट्स पर डाल देना होता है। जिससे आपके साईट पर आने उन हर एक पाठकों को आपके वेबसाइट के प्रति विश्वास बढ़ता है। साथ ही साथ बैक लिंक्स तो बढ़ेंगे ही !!

कुछ ज्यादा विख्यात आर्टिकल डायरेक्टरी सबमिशन साइट्स : eHow.com, SearchWarp.com, TheFreeLibrary.com, HubPages.com इत्यादि।

8. सर्च फोरम साइट्स में हिस्सा लें (participate in Search Forum Sites), सर्च फोरम साइट्स पर अपने प्रश्नों के बारें में बेहतर राय लेने के लिए बहुत ज्यादा लोग आते हैं। अगर आप उन प्रश्नों (forum thread) के ज़वाब, बेहतर सुझाव या फिर मार्गदर्शन अपने वेबसाइट के माध्यम से दें तो इससे आपका फायदा हो सकता है।

संतोषजनक ज़वाब, सुझाव, मार्गदर्शन से फोरम पर आने वाले लोगो के नज़र में आप एक बेहतर विशेषज्ञ (EXPERT) बन जायेंगे। ज़वाब, सुझाव, मार्गदर्शन देते वक्त do-follow का इस्तेमाल ज़रूर करें। जिससे लोग आपके वेबसाइट पर जा पायें।

कुछ ज्यादा विख्यात सर्च फोरम साइट्स : AddThis.com, CareerBuilder.com, chronicle.com इत्यादि।

9. रेखा चित्र या आरेख साइट्स में हिस्सा लें (join Infographics Submission Sites), इन्फोग्राफिक्स का मतलब – रेखा चित्र या आरेख (chart or diagram) के माध्यम से कम शब्दों में बड़ी बात समझाना। मुझे रेखा चित्र बहुत पसंद है!

हालाकि आजकल इन्टरनेट की दुनिया में इन्फोग्राफिक्स का इस्तेमाल बहुत हो रहा है। आप अपने लेख या वेबसाइट से सम्बंधित एक रचनात्मक (CREATIVE) रेखा चित्र या आरेख बनायें और इसे रेखा चित्र या आरेख साइट्स पर भेजें।

भेजने से पहले अपने वेबसाइट या लेख का लिंक ज़रूर लगायें। इससे बैकलिंक बढेगा, आपके पेज पर ट्रैफिक भी बढ़ेगी और रैंकिंग भी बढेगा। साथ ही साथ इससे पाठक उस लिंक पर क्लिक कर उस रेखा चित्र से सम्बंधित और जानकारी ले सकेगें।

कुछ ज्यादा विख्यात रेखा चित्र या आरेख साइट्स : InfoGraphicBee.com, visual.ly, InfoGraphicReviews.com, reddit.com, इत्यादि।

10. अपने वेबसाइट को सर्च इंजन से जोड़ें (submit your website to Search Engines), कुछ विशेषज्ञो का मानना है की ये तकनीक पुरानी हो चुकी है। क्यूँकी आज के दौर में गूगल जैसी बड़ी सर्च इंजन कंपनीयां स्वतः ही हर वेबसाइट को दर्ज कर लेती हैं। अब इस बात में सच्चाई है या नहीं मुझे नहीं पता।

लेकिन एक बात मै ज़रूर कहना चाहूँगा की, अगर आज भी किसी वेबसाइट को सर्च इंजन से जोड़ने का विकल्प मौजूद है तो उसका कुछ न कुछ तो ज़रूर फायदा होगा। जो भी हो आपको अपने वेबसाइट को सर्च इंजन से ज़रूर जोड़ना चाहिए क्यूँकी इससे 100 प्रतिशत सर्च इंजन को आपके वेबसाइट के बारे में खबर चल जाता है।

कुछ ज्यादा विख्यात सर्च इंजन साइट्स : google.com, bing.com, yahoo.com इत्यादि।

11. सवाल-जवाब साइट्स से जुड़ें (join Question & Answer Sites), सवाल-ज़वाब साइट्स एक बहुत ही बढ़िया ऑफ पेज seo है। यह बहुत ही आसान होता है। बस आप सवाल-ज़वाब साइट्स पर लॉग इन करें और आपके वेबसाइट से सम्बंधित पूछे गएँ प्रश्नों के बेहतरीन उत्तर दें।

ध्यान दे: उत्तर देते समय अपने वेबसाइट का लिंक ज़रूर डालें, ताकि आपके उत्तर से संतुष्ट पाठक आपके वेबसाइट पर जायें।

कुछ ज्यादा विख्यात सवाल-जवाब साइट्स : quora.com, answers.yahoo.com, answers.com इत्यादि।

12. अपने वेबसाइट को लोकल लिस्टिंग साइट्स में भेजें (Submit Your Site to Local Listing Sites), अगर आपकी वेबसाइट स्थायीय क्षेत्र (local business area) से ताल्लुक रखती है तो आप अपने वेबसाइट को लोकल लिस्टिंग वेबसाइट में ज़रूर जोड़े (list करें)।

कुछ लोकल लिस्टिंग साइट्स : google local, yahoo local इत्यादि।

13. यदि आपकी, ई-कॉमर्स साईट है तो (submit your website to Online Shopping Networks Sites) प्रचार (promotion) करवाना बेहद ज़रूरी हो जाता है, ताकि आपके उत्पादों (प्रोडक्ट्स) के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगो को पता चल सके।

इसके लिए आपको ऑनलाइन शॉपिंग नेटवर्क्स साईट से ज़रूर जुड़ना चाहिए। लेकिन शुरूआती समय में प्रचार के लिए अगर पैसे नहीं खर्च करना चाहते हैं तो, आप अव्वल दर्जे की फ्री ऑनलाइन शॉपिंग नेटवर्क्स साईट से ज़रूर जुड़ें।

कुछ फ्री ऑनलाइन शॉपिंग नेटवर्क्स साईट साइट्स : Google Product Search, MSN Online Shopping, Yahoo Online Shopping इत्यादि।

Seo Techniques इस्तेमाल करने से पहले कुछ ज़रूरी बातें

इन दोनों तकनीक का इस्तेमाल करते वक्त हमें बस “ब्लैक हैट एस.ई.ओ.” विभाग का थोड़ा सा ध्यान पड़ेगा।



और कुछ ऐसी बातें है जिनका जानना बहुत ही ज़रूरी होता है। क्युकी इनके बगैर seo का सही इस्तेमाल भी सब बेकार साबित हो सकता है। निचे महत्वपूर्ण पॉइंट्स हैं जिन्हें सबसे पहले ध्यान देना हैं –

  • हमेशा समय समय पर चेक कीजिये की आपकी वेबसाइट का html और css त्रुटी तो नही हो रहा है।
  • आपके किसी पोस्ट का कोई खंडित लिंक (broken link) ना हो।
  • आपके वेबसाइट का सर्वर सही से काम कर रहा होना चाहिए।
  • रिडायरेक्ट लिंक्स का गलत इस्तेमाल बिलकुल ना करें।
  • robot.txt, x-robots tag (robot instructions) इन सबका ध्यान रखें।
  • ज्यादा बाहरी लिंक्स (outgoing links) का इस्तेमाल ना करें।
  • गूगल पेज रैंक डिस्ट्रीब्यूशन (google Page Rank Distribution) का अनैतिक इस्तेमाल ना करें।
  • अपने ब्राउज़र का cache data हमेशा साफ़ रखें। (अगर आप एक blogger हैं तो ऐसा करना चाहिए)

तो बस यारों आज के लिए बस इतना ही, आप मुझे कमेंट ज़रूर करें और मुझे बताएं की आपको आज का ज्ञान आप के लिए हर एक मायने में कितना सही और गलत लगा।


धन्यवाद !

इस पेज के शुरुआत के यानी ऊपर दाहिने तरफ साइडबार में दिए गए सब्सक्राइब विकल्प में ईमेल आई. डी. डालकर आप हमें सब्सक्राइब कर सकते है। ताकि भविष्य में आने वाली हर एक लेख आपको सबसे पहले मिल सके।

आप हमें > फेसबुक | ट्विटर | गूगल + | यूट्यूब < पर फॉलो कर सकते हैं।

4 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.